Current Date: 24 Jan, 2026
YouTube Video Thumbnail

Das Raghunath Ka - Unplugged Version - Ram Hanuman Ji Bhajan - Pawan Brijwasi


🎵दास रघुनाथ का🎵

🙏 गायक - पवन बृजवासी
🎼 संगीत - सूरज विश्वकर्मा

विवरण:
दास रघुनाथ का एक सुंदर कृष्ण भजन है जिसे पवन बृजवासी ने अपनी मधुर और भक्तिमय आवाज में गाया है। इस भजन का संगीत सूरज विश्वकर्मा द्वारा तैयार किया गया है। भजन में रघुनाथ दास की निष्ठा, आनंद और भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम की भावनाएं व्यक्त की गई हैं। यह भजन सुनने वाले के मन को शांति देता है और जीवन में प्रभु के प्रति अटूट विश्वास बढ़ाता है। भक्ति प्रेमियों के लिए यह भजन विशेष रूप से प्रेरक और आनंददायक है।

गीत के बोल:
दास रघुनाथ का,
नंद सुत का सखा,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

सुख मिला श्री अवध,
और बृजवास का,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

मैथली ने कभी मोद,
मोदक दिया,
राधिका ने कभी,
गोद में ले लिया,
मातृ सत्कार में,
मग्न होकर सदा,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

खूब ली है प्रसादी,
अवधराज की,
खूब झूठन मिली,
यार बृजराज की,
भोग मोहन चखा,
दूध माखन चखा,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

उस तरफ द्वार 
दरबान हूँ राज का
इस तरफ दोस्त हूँ 
दानी शिरताज का
घर रखाता हुआ 
ज़र लुटाता हुआ
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

कोई नर या ईधर,
या ऊधर ही रहा,
कोई नर ना इधर,
ना उधर ही रहा,
‘बिन्दु’ दोनो तरफ,
ले रहा है मजा,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा,
दास रघुनाथ का।।

दास रघुनाथ का,
नंद सुत का सखा,
कुछ ईधर भी रहा,
कुछ ऊधर भी रहा।

Credit Details :

Song - Das Raghunath Ka-Unplugged
Singer - Pawan Brijwasi
Music - Suraj Vishwakarma

अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें।