Current Date: 29 Jan, 2026
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श्री राम चंद्र कृपालु भजमन - Unplugged Version of Shree Ram Chandra Kripalu - Rinky Vishwakarma


🎵श्री रामचंद्र कृपालु भजुमन🎵

🙏 गायक - रिंकी विश्वकर्मा
🎼 संगीत - सूरज विश्वकर्मा

विवरण:
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन एक अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण भजन है जिसे रिंकी विश्वकर्मा ने अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत किया है, और इसका संगीत सूरज विश्वकर्मा ने दिया है। यह भजन गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित है जिसमें प्रभु श्री राम के सौंदर्य, करुणा और दिव्य गुणों का सुंदर वर्णन किया गया है। इस भजन को सुनकर मन को शांति मिलती है, भक्ति भाव जागृत होता है और राम भक्तों के लिए यह श्रद्धा और आस्था का अद्भुत स्रोत है।

गीत के बोल:
॥दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥

शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥

इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥

मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥

॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम
अङ्ग फरकन लगे।

Credit Details :

Song - Shri Ramchandra Kripalu Bhajuman
Singer - Rinky Vishwakarma
Music - Suraj Vishwakarma

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