🎵आदिदेव शंकरा🎵
🙏 गायक - प्रेम मेहरा
🎼 संगीत - सूरज विश्वकर्मा
विवरण:
प्रेम मेहरा की आवाज में शिव भक्ति से जुड़ा नया भजन आदिदेव शंकरा प्रस्तुत है। सुरज विश्वकर्मा द्वारा रचित संगीत और इस सुंदर भजन के बोल आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा के इस पावन भजन को पढ़कर और सुनकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। हमारे इस ब्लॉग पर आपको इस प्रसिद्ध शिव भजन के संपूर्ण शब्द और अर्थ मिलेंगे। शिव स्तुति और महिमा से जुड़ा यह लेख आपके मन को शांति प्रदान करेगा।
गीत के बोल:
जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले
गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्।
आदिदेव शंकरा अनादिदेव शंकरा
महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा
जटा जुट त्रिपुरारी आशुतोष शंकरा
विश्वनाथ शम्भुनाथ गंगाधर शंकरा
आदिदेव शंकरा अनादिदेव शंकरा
महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा
नाग गले और जटाओ में गंगा है
मस्तक पे चंदा साजे
तन में है भस्मी रमाये मेरे भोले
डम डम है डमरू बाजे
नंदी सवारी है त्रिनेत्र धारी है
करना कृपा अभयंकरा
आदिदेव शंकरा अनादिदेव शंकरा
महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा
शमशान वासी हो शिव अविनाशी हो
कैलाश के स्वामी हो
योगी भोगी और बालब्रह्मचारी हो
भोले अन्तर्यामी हो
मेहरा कहे जो है पूजे तुझे
उसको कांटा लगे ना ही कंकरा
आदिदेव शंकरा अनादिदेव शंकरा
महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा
सृष्टि का तू इतिहास मेरे बाबा
कण कण तेरा वास है
हे दीननानाथ मेरे शम्भुनाथ
रहे भक्तो के साथ है
शिव भोले दानी हो जगत के स्वामी
हो त्रिलोचना प्रलयंकरा
आदिदेव शंकरा अनादिदेव शंकरा
महादेव महाकाल रूद्र देव शंकरा
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