Current Date: 18 Jul, 2024

जब पहुंचे हनुमत लंका (Jab Pahuche Hanumat Lanka) - Meenu Sharma


जब पहुंचे हनुमत लंका लिरिक्स हिंदी में (Jab Pahuche Hanumat Lanka Lyrics in Hindi)

जब पहुंचे हनुमत लंका बजा राम नाम का डंका,
सारे राक्षक गबराये माथा रावण का ढंका ,
मैंने चाद वंद चौदस फेरा लगवाया है ,
फिर कैसे अंदर ये बन्दर घुस आया है


तहस मेहस कर डाला इसने लंका नगरी,
कहा सो रहे थे सब दरबार के खबरी
ले लांग के कैसे समुन्दर पौंछा लंका के अंदर,
साधारण ये नहीं लगता ये है कोई अध्भुत बन्दर,
मैंने चाद वंद चौदस फेरा लगवाया है ,
फिर कैसे अंदर ये बन्दर घुस आया है

आ तो गया यह अब जाने ना पाए,
मजा यह आने का पता इसको चल जाये,
इसे ढंड कठोर मिलेगा सुन धरती अगन हिले गा,
जितना देखु गा इसको गुसा बहार निकले गा,
मैंने चाद वंद चौदस फेरा लगवाया है ,
फिर कैसे अंदर ये बन्दर घुस आया है

भेद अकेले भजरंग ने कुंदन ललकारा,
जो भी सामने आया उसे पटक पटक मारा,
सारे राकशक दर भागे कोई टिका न इसके आगे,
दोनों हाथ जोड़ हनुमत से जीवन की भीख ये मांगे,
मैंने चाद वंद चौदस फेरा लगवाया है ,
फिर कैसे अंदर ये बन्दर घुस आया है

जब पहुंचे हनुमत लंका बजा राम नाम का डंका,
सारे राक्षक गबराये माथा रावण का ढंका ,
मैंने चाद वंद चौदस फेरा लगवाया है ,
फिर कैसे अंदर ये बन्दर घुस आया है

जब पहुंचे हनुमत लंका लिरिक्स अंग्रेजी में (Jab Pahuche Hanumat Lanka Lyrics in English)

jab pahunche hanumat lanka baja ram naam ka danka,
saare raakshk gabaraaye maatha raavan ka dhanka ,
mainne chaad vand chaudas phera lagavaaya hai ,
phir kaise andar ye bandar ghus aaya hai


tahas mehas kar daala isane lanka nagari,
kaha so rahe the sab darabaar ke khabaree
le laang ke kaise samundar paunchha lanka ke andar,
saadhaaran ye nahi lagata ye hai koi adhbhut bandar,
mainne chaad vand chaudas phera lagavaaya hai ,
phir kaise andar ye bandar ghus aaya hai

a to gaya yah ab jaane na paae,
maja yah aane ka pata isako chal jaaye,
ise dhand kthor milega sun dharati agan hile ga,
jitana dekhu ga isako gusa bahaar nikale ga,
mainne chaad vand chaudas phera lagavaaya hai ,
phir kaise andar ye bandar ghus aaya hai

bhed akele bhajarang ne kundan lalakaara,
jo bhi saamane aaya use patak patak maara,
saare raakshak dar bhaage koi tika n isake aage,
donon haath jod hanumat se jeevan ki bheekh ye maange,
mainne chaad vand chaudas phera lagavaaya hai ,
phir kaise andar ye bandar ghus aaya hai

jab pahunche hanumat lanka baja ram naam ka danka,
saare raakshk gabaraaye maatha raavan ka dhanka ,
mainne chaad vand chaudas phera lagavaaya hai ,
phir kaise andar ye bandar ghus aaya haia

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