Current Date: 18 Jul, 2024

नीलसरस्वती स्तोत्रम् (Neel Saraswati Stotram) - Madhvi Madhukar Jha


नीलसरस्वती स्तोत्रम् हिंदी में (Neel Saraswati Stotram in hindi)

घोर-रूपे महा-रावे
सर्व शत्रु भयङ्करि ।
भक्तेभ्यो वरदे देवि
त्राहि मां शरणागतम् ॥१॥

ॐ सुर-सुरार्चिते देवि
सिद्ध-गन्धर्व-सेविते ।
जाड्य-पाप-हरे देवि
त्राहि मां शरणागतम् ॥२॥

जटा-जूट-समा-युक्ते
लोल-जिह्वान्त-कारिणि ।
द्रुत-बुद्धि-करे देवि
त्राहि मां शरणागतम् ॥३॥

हनुमान जी की सबसे मधुर आरती: हनुमान आरती

सौम्य-क्रोध-धरे रूपे
चण्ड-रूपे नमोऽस्तु ते ।
सृष्टि-रूपे नमस्तुभ्यं
त्राहि मां शरणागतम् ॥४॥

जडानां जडतां हन्ति
भक्तानां भक्त वत्सला ।
मूढतां हर मे देवि
त्राहि मां शरणागतम् ॥५॥

वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि
बलि-होम-प्रिये नमः ।
उग्र तारे नमो नित्यं
त्राहि मां शरणागतम्॥६॥

बुद्धिं देहि यशो देहि
कवित्वं देहि देहि मे ।
मूढत्वं च हरेद्-देवि
त्राहि मां शरणागतम् ॥७॥

श्याम की बंशी की धुन: उड़ गई रे नींदिया मेरी, बंसी श्याम ने बजाई रे

इन्द्रादि-विलसद्-द्वन्द्व-
वन्दिते करुणा मयि ।
तारे तारा-धिना-थास्ये
त्राहि मां शरणागतम् ॥८॥

अष्टम्यां च चतुर्दश्यां
नवम्यां यः पठेन्-नरः ।
षण्मासैः सिद्धि-माप्नोति
नात्र कार्या विचारणा ॥९॥

मोक्षार्थी लभते मोक्षं
धनार्थी लभते धनम् ।
विद्यार्थी लभते विद्यां
तर्क-व्याकरणा-दिकम् ॥१०॥

इदं स्तोत्रं पठेद् यस्तु
सततं श्रद्धया-ऽन्वितः ।
तस्य शत्रुः क्षयं याति
महा-प्रज्ञा प्रजायते ॥११॥

माँ लक्ष्मी जी का स्तोत्र : अष्टलक्ष्मी स्तोत्रं

पीडायां वापि संग्रामे
जाड्ये दाने तथा भये ।
य इदं पठति स्तोत्रं
शुभं तस्य न संशयः ॥१२॥

इति प्रणम्य स्तुत्वा च
योनि-मुद्रां प्रदर्शयेत् ॥१३॥
॥ इति नीलसरस्वतीस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

 

नीलसरस्वती स्तोत्रम् अंग्रेजी में (Neel Saraswati Stotram in english)

Ghor-roope maha-raave
Sarva shatru bhayankari |
Bhaktebhyo varade devi
Traahi maam sharanagatam ||1||

Om sura-surarchite devi
Siddha-gandharva-sevite |
Jaadya-paapa-hare devi
Traahi maam sharanagatam ||2||

Jata-joota-sama-yukte
Lola-jihwaanta-kaarini |
Druta-buddhi-kare devi
Traahi maam sharanagatam ||3||

Sweetest Aarti of Hanuman ji: Hanuman Aarti

Saumya-krodha-dhare rupe
Chanda-rupe namo'stu te |
Srishti-rupe namastubhyam
Traahi maam sharanagatam ||4||

Jadanaam jadatam hanti
Bhaktaanaam bhakta-vatsala |
Moodhatam hara me devi
Traahi maam sharanagatam ||5||

Vam hroom hroom kaamaye devi
Bali-homa-priye namah |
Ugra taare namo nityam
Traahi maam sharanagatam ||6||

Buddhim dehi yasho dehi
Kavitvam dehi dehi me |
Moodhatvam cha hared devi
Traahi maam sharanagatam ||7||

Tune of Shyam's Banshi: Ud Gayi Re Nindiya Meri Bansi Shyam Ne Bajai Re

Indraadi-vilasaddvandva-
Vandite karuna mayi |
Taare taraa-dhinaathasye
Traahi maam sharanagatam ||8||

Ashtamyam cha chaturdasyam
Navamyam yah pathen-narah |
Shanmaasaih siddhi-maapnoti
Natra kaaryaa vichaaranaa ||9||

Mokshaarthi labhate moksham
Dhanaarthi labhate dhanam |
Vidyaarthi labhate vidyaam
Tarka-vyaakaranaadikam ||10||

Idam stotram pathed yastu
Satatam shraddhayaa-anvitah |
Tasya shatruh kshayam yaati
Maha-prajnaa prajaayate ||11||

Stotra of Mother Lakshmi: Ashtalakshmi Stotram

Peedaayaam vaapi samgraame
Jaadye daane tathaa bhaye |
Ya idam pathati stotram
Shubham tasya na samshayah ||12||

Iti pranamya stutva cha
Yoni-mudraam pradarshayet ||13||
|| Iti Neel Saraswati Stotram Sampurnam ||

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