Current Date: 23 Mar, 2023
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शिव में मिलना है - Hansraj Raghuwanshi

हिंदू तिकड़ी में शिव तीसरे देवता हैं। शिव को अदम्य जुनून के लिए जाना जाता है, जो उन्हें व्यवहार में चरम पर ले जाता है। कभी-कभी वह एक तपस्वी होता है, सभी सांसारिक सुखों से दूर रहता है। दूसरों पर वह एक सुखवादी है।


कितना रोकु मन के सोर को,
ये कहा रुकता है,
इस सोर से परे उस मौन से मिलना है,
मुझे शिव से भी नही शिव में मिलना है……

मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है….

अपने अहम् की अहुति दे जलना है,
अपने अहम् की अहुति दे जलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है……

क्यू मुझे किसी और के,
कस्टो का कारन बन्ना है,
चाँद और सीष सुशोभित,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है….

क्यू मुझे किसी और के,
कस्टो का कारन बन्ना है,
चाँद और सीष सुशोभित,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है,
उस चाँद सा शीतल बन्ना है……….

मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है……

जितना मैं भटका,
उतना मैला हो आया हो,
जितना मैं भटका,
उतना मैला हो आया हो…..

कुछ ने है छला मोहे,
कुछ को मै छल आया हो,
कुछ को मै छल आया हो…..

मुझे शिव से नही शिव में मिलना है,
मुझे शिव से नही शिव में मिलना है.....

Singer - Hansraj Raghuwanshi

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